सत्संग के मुख्य नियम

1. कीर्तन में अनुशासन से पंक्ति बनाकर बैठना चाहिए  2. पुरुष तथा महिला वर्ग को अलग अलग स्थान पर बैठना चाहिए   3. महिलाए महीने होने के 7 दिन बाद आश्रम में आवे   4. कीर्तन समाप्ति पर पहले महिलाओं को जाने का अवसर दें  5. बाद में आने वाले सज्जन आगे बैठने का कष्ट ना करे  6. कीर्तन के समय शोर और बातचीत ना करें   7. कृपया बच्चों को साथ ना लावे   8. आभूषण इत्यादि कीमती सामान साथ ना लावे  9. धूम्रपान मांसाहारी भोजन और शराब प्रतिबंधित है।  10. सत्संग भवन के वस्तुओं को यथा स्थान सुरक्षित रखें   11. रोग उपचार हेतु शनिवार या पूर्णमासी को ही बात करें   12. श्रद्धा में विश्वास के साथ सत्संग में बैठना चाहिए   13. कृपया भंडारे का प्रसाद झूठ ना छोड़े   14. मौसम अनुरूप वस्त्र पहने   15. सभी आश्रमों में सत्संग दिन का ही होता है   16. गुरु का प्रसाद अमृत है

श्री चमत्कारी संत चंद्रभान जी के अन्य आश्रम

1.समालखा मंडी,   2.बुड्ढा खेड़ा,   3.गिरावड़-जोहड़ पर,  4.गिरावड़-दूसरा,   5.गिरावड़-तीसरा,  6.गोहाना-रेलवे कॉलोनी,  7.गोहाना-जींद रोड पर,  8.खेड़ा लाठर,  9.रिठाल,  10.कुंगड़ भैणी,   11.सोनीपत-गोहाना रोड पर,   12.बिलासपुर-यूपी,  13. मतलोडा- पानीपत,   14. गंगाना-सोनीपत


हमारा उद्देश्य

श्री चमत्कारी सन्त कल्याणकारी समाज का उद्देश्य है जन सेवा, परोपकार, कुरीतियों को दूर करना तथा जन साधारण का मन भगवान की ओर आकर्षित करना । जिससे मनुष्य जाति का कल्याण हो। हमारे सन्त जी का भी यहीं आदेश है। आइये और हमारे समाज की सेवा से लाभ उठाइये । यह समाज आपके कल्याण की आशा करता है।


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